प्रार्थना सभा में आज बच्चों को यह जानकारी दी गई
भीषण गर्मी से बचने के लिए हाइड्रेटेड रहना (पानी छाछ और राबड़ी, नारियल पानी, नींबू पानी पिएं), ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनना, खीरा-तरबूज जैसे पानी वाले फल खाना सबसे ज़रूरी है। ठंडे पानी से नहाएं
1. हाइड्रेशन (शरीर को अंदर से ठंडा रखें)
- भरपूर पानी पिएं: प्यास न लगने पर भी समय-समय पर पानी पीते रहें।
- प्राकृतिक पेय: नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ (मट्ठा), सत्तू का घोल, आम पन्ना और लस्सी का सेवन करें।
2. खान-पान में बदलाव
- पानी से भरपूर फल: तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और संतरे खाएं।
- हल्का भोजन: भारी या तला-भुना खाना खाने से बचें, क्योंकि यह शरीर का तापमान बढ़ाता है।
- पुदीना और सौंफ: पुदीना और सौंफ का पानी पेट को ठंडक देता है।
3. धूप और गर्मी से बचाव
- समय का ध्यान: दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें।
- कपड़ों का चयन: हल्के रंग के, ढीले-ढाले सूती (cotton) कपड़े पहनें।
- सुरक्षा: धूप में बाहर निकलते समय टोपी, सनग्लासेस (धूप का चश्मा) और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।
4. घर को ठंडा रखें
- पर्दे बंद रखें: दिन के समय घर के खिड़की-दरवाजे और पर्दे बंद रखें ताकि गर्म हवा अंदर न आए।
- कूलर/AC: पंखे, कूलर या एसी का इस्तेमाल करें।
- गीला पर्दा: खिड़कियों पर गीले पर्दे लटकाने से भी राहत मिलती है।
5. शरीर को ठंडा रखने के अन्य टिप्स
- ठंडे पानी से स्नान: दिन में एक-दो बार ठंडे पानी से नहाएं।
- गीली पट्टी: यदि बहुत गर्मी लगे, तो माथे, गर्दन या कलाई पर ठंडे पानी की पट्टी रखें।
- भारी मेहनत से बचें: तेज धूप में शारीरिक काम (exercise) न करें।
6. लू (Heatstroke) से बचाव
- बाहर निकलने से पहले पानी या कोई ठंडा पेय जरूर पिएं।
- प्यास लगने पर तुरंत पानी पिएं। अगर ज्यादा पसीना आए तो इलेक्ट्रोलाइट्स (जैसे ORS) का सेवन करें।

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